परीक्षाकेदिनोंमेंएकअजीबबातसामनेआतीहै। परीक्षार्थीचाहताहैकिकिसीप्रकारसफलताउसकीझोलीमेंआ जाये। इसके लिए वह हर दांव चलाना चाहता है। परीक्षा हॉल में खुसरफुसर करके ज्ञान प्राप्त कर लेना चाहता है। जब कक्षा में गुरूजी ने बताया;समझ में नहीं आया.ब्लेकबोर्ड पर लिख कर समझाया,नहीं समझ में आया.लिख लिख कर बताया, नहीं समझ में आया। चार्ट,मोडल से बताया,नहीं समझ में आया। टूशन पढ़कर आया, फिर भी नहीं समझ में आया.परीक्षाहॉल में नज़र चुकाकर थोड़ीसी खुसरफुसर कर ली । सबसे आगे वाले कीखुसरफुसर सबसे पीछेवाले की समझ में आ गयी। वाह री परीक्षा, तुम भी कमाल करती हो। विश्वनाथ भाटी तारानगर 9413888209
1 comment:
वाह रे मीत, आप भी कमाल करते हो। ताजा स्व-अनुभवों को लोगों में बांटते हों।
सटीक एवं करारा प्रहार है वर्तमान दृष्टिकोण पर।
सादर।
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