Friday, March 26, 2010

खुसर फुसर

परीक्षा के दिनों में एक अजीब बात सामने आती हैपरीक्षार्थी चाहता है कि किसी प्रकार सफलता उसकी झोली में जाये। इसके लिए वह हर दांव चलाना चाहता है। परीक्षा हॉल में खुसर फुसर करके ज्ञान प्राप्त कर लेना चाहता है। जब कक्षा में गुरूजी ने बताया;समझ में नहीं आया.ब्लेकबोर्ड पर लिख कर समझाया,नहीं समझ में आया.लिख लिख कर बताया, नहीं समझ में आया। चार्ट,मोडल से बताया,नहीं समझ में आया। टूशन पढ़कर आया, फिर भी नहीं समझ में आया.परीक्षाहॉल में नज़र चुकाकर थोड़ीसी खुसर फुसर कर ली । सबसे आगे वाले की खुसर फुसर सबसे पीछेवाले की समझ में आ गयी। वाह री परीक्षा, तुम भी कमाल करती हो।
विश्वनाथ भाटी तारानगर
9413888209

1 comment:

दुलाराम सहारण said...

वाह रे मीत, आप भी कमाल करते हो। ताजा स्‍व-अनुभवों को लोगों में बांटते हों।


सटीक एवं करारा प्रहार है वर्तमान दृष्टिकोण पर।

सादर।