Tuesday, November 2, 2010

आतिशबाजी

इन दिनों आतिशबाजी का प्रचलन बहुत बढ़ता जा रहा है.आज हमें पर्यावरण के लिहाज से सोचना चाहिए कि इस से हमारे पर्यावरण को कितना नुकशान हो रहा है. थोड़े से आनंद के लिए ढेर सा पैसा और कितना सारा प्रदूषण समाज को मिल रहा है. हमें थोडा विचार करके इस दूषित परंपरा को बंद करना चाहिए.

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