भारत में पहले हर बात का विरोध होता है,फिर उसी का समर्थन भी होता है। जब राजीव गाँधी कहते थे "हम देश को २१ वीं सदी में ले जायेंगे, देश में कंप्यूटर क्रांति आएगी,देश तेज गति से आगे बढेगा आदि ..."तो उनकी बातो का विरोध होता था। क्या आज है?
मंडल आयोग आया। वी.पी.सिंह का विरोध हुआ.लोगों ने आत्मदाह किया। आरक्षण लागू नहीं होगा। आज क्या हाल है?
ई .वी.एम आई,नहीं जी हम नहीं जानते। अपना तो वोही परचा सिस्टम ठीक था। क्या आज विरोध है?
विरोध करना हमारा स्वभाव है। विरोध के स्वर में जागरूकता की गंध छुपी होती है।
विश्वनाथ भाटी,तारानगर
No comments:
Post a Comment