Saturday, April 10, 2010

विरोध का स्वर

भारत में पहले हर बात का विरोध होता है,फिर उसी का समर्थन भी होता हैजब राजीव गाँधी कहते थे "हम देश को २१ वीं सदी में ले जायेंगे, देश में कंप्यूटर क्रांति आएगी,देश तेज गति से आगे बढेगा आदि ..."तो उनकी बातो का विरोध होता थाक्या आज है?
मंडल आयोग आयावी.पी.सिंह का विरोध हुआ.लोगों ने आत्मदाह कियाआरक्षण लागू नहीं होगाआज क्या हाल है?
.वी.एम आई,नहीं जी हम नहीं जानतेअपना तो वोही परचा सिस्टम ठीक थाक्या आज विरोध है?
विरोध करना हमारा स्वभाव हैविरोध के स्वर में जागरूकता की गंध छुपी होती है
विश्वनाथ भाटी,तारानगर

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