Friday, June 11, 2010

hello

   हेल्लो-मैं ..... बोल रहा हूँ.मुझे आपसे एक जरुरी मुलाकात करनी है.बताइए आप मुझे कहाँ मिलेंगे?
   लेकिन आप किस विषय में बात करना चाहते हैं?
   वो सब मैं मिलने पर बता दूंगा.
  फिर भी कुछ ....[फोन कट गया ] ऐसा कोई फोन आपके पास भी आया होगा.इसके बाद क्या होता है,बताने की जरुरत नहीं.कोई आता है.साथ में एक-दो अंडर सेट्टिंग आदमी भी है.बड़ी-बड़ी बातें,एक पेपर पर प्लान बताया जाता है.आपको कुछ नहीं करना,घर बैठे ढेर सा पैसा, सपने,हार्ड वर्क और स्मार्ट वर्क का अंतर आदि-आदि.
इसके बाद मेम्बर बनाओ,मै तो फंस गया अब दो-तीन और बन जाये तो मेरे मेरे तो आ जाये.चार माह बाद उसी का फोन आता है.मैंने वो पहले वाला बंद कर दिया.अब उस से भी शानदार प्लान आया है. नित नए प्लान ,नित नए फोन.क्या आप कभी इनसे दो-चार हुए हैं?

Friday, June 4, 2010

मुक्त हंसी


इन दिनों यह मुक्त हंसी विलुप्त होने की तरफ अग्रसर है. किसी को वक़्त नहीं इसके लिए. आओ बचपन को कुंठित होने से बचाएं.